
धनबाद ब्यूरो : नीतीश कुमार की रिपोर्ट,
धनबाद : साइबर अपराधियों के खिलाफ धनबाद पुलिस ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर बुधवार को पूर्वी टुंडी के झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्कूल की छात्राओं को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए गए। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को अनजान लिंक, ओटीपी और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर फ्रॉड को लेकर विशेष रूप से सतर्क किया।
धनबाद के पूर्वी टुंडी में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस का विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल की सभी छात्राओं ने हिस्सा लिया। मौके पर पूर्वी टुंडी थाना प्रभारी नीतीश कुमार और अंचल अधिकारी सुरेश प्रसाद वर्णवाल मौजूद रहे।
अधिकारियों ने छात्राओं को बताया कि साइबर अपराधी किस तरह अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। छात्राओं को डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए कई जरूरी सावधानियां बताई गईं।
पुलिस ने खास तौर पर तीन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखने की अपील की। पहला, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक या उसे डाउनलोड न करें। दूसरा, अपना ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। और तीसरा, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल से बिल्कुल न डरें।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। अगर किसी व्यक्ति को इस तरह का फोन आता है, तो वह घबराने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दे।
इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही साइबर अपराध के प्रति सजग करना है, ताकि छात्राएं खुद साइबर ठगी से बचने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक कर सकें।









