
सरकारी ड्यूटी छोड़ निजी क्लिनिक में ड्यूटी!


साहिबगंज : सरकारी अस्पताल में मरीजों की सेवा की जिम्मेदारी, लेकिन ड्यूटी के दौरान निजी क्लिनिक में मौजूदगी! साहिबगंज सदर अस्पताल के डीएस डॉ. देवेश कुमार को लेकर ऐसा ही गंभीर मामला सामने आया है। जहां आरोप है कि सरकारी ड्यूटी के समय वे सदर अस्पताल से बाहर निजी क्लिनिक तेजस्विनी अल्ट्रासाउंड में मरीजों को देख रहे थे। जहां मामले की जानकारी मिलते ही सिविल सर्जन ने निजी क्लिनिक में छापेमारी कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि सदर अस्पताल में बतौर डीएस जिम्मेदारी की संभालने वाले डॉ. देवेश कुमार की ड्यूटी सरकारी अस्पताल में थी।

इसी दौरान उनके निजी क्लिनिक में मरीज देखने की सूचना सीएस को मिली जहां सूचना को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन की टीम ने तेजस्विनी अल्ट्रासाउंड क्लिनिक पहुंचकर जांच की। हालांकि सीएस के द्वारा तेजस्विनी अल्ट्रासाउंड क्लिनिक में छापेमारी करने के दौरान डीएस डॉ देवेश कुमार वहां मौजूद नहीं पाए गए। जहां सीएस ने इलाज कराने के लिए आए हुए 25 से 30 मरीजों से भी बातें करते हुए पूरी जानकारी ली। उधर छापेमारी की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर सरकारी ड्यूटी के दौरान ही कोई चिकित्सक निजी क्लिनिक में मरीज देखता है, तो सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों का क्या होगा? वही सदर अस्पताल गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए इलाज का सबसे बड़ा सहारा है ऐसे में अस्पताल के जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी की कथित तौर पर निजी क्लिनिक में मौजूदगी ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उधर सीएस की छापेमारी के बाद अब यह जांच का विषय है कि डॉ. देवेश कुमार सरकारी ड्यूटी के समय निजी क्लिनिक में किस आधार पर मौजूद थे और वहां मरीजों का इलाज किया जा रहा था या नहीं। स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। उधर इस मामले को लेकर डीएस डॉ देवेश कुमार का कहना है कि उनके निजी क्लिनिक में सीएस के द्वारा की गई छापेमारी पूरी तरह से गलत है इसको लेकर वे उचित मंच पर अपनी बातें रखेंगे। उधर सीएस ने डीएस के निजी क्लिनिक में किए गए छापेमारी की रिपोर्ट उपायुक्त दीपक कुमार दुबे को सौंपने की बात कही है।









