
ब्यूरो रिपोर्ट,
गोड्डा : एक परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य अब इस दुनिया में नहीं है। पीछे रह गए हैं बूढ़े माता-पिता, मासूम बच्चे और बिस्तर पर लाचार पत्नी। मामला पंकज कुमार की मौत से जुड़ा है, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

परिजनों के अनुसार, घटना 6 सितंबर की है। मेहरमा प्रखंड के इटहरी गांव के पंकज कुमार अपने घर की छत पर बिजली से संबंधित काम करने गए थे। इसी दौरान पड़ोसी से किसी मामूली विवाद को लेकर कहासुनी हो गई। परिजनों का आरोप है कि विवाद के बाद पांच लोग बल्ली मंडल, विजय मंडल , अजय मंडल, विकास मंडल, सीटू मंडल ने पंकज को छत से उठाकर नीचे फेंक दिया।

परिजनों के मुताबिक, नीचे गिरने के दौरान पंकज लोहे के सरिए पर जा गिरे और सरिया उनके शरीर में घुस गया। गंभीर रूप से घायल पंकज को आसपास के ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। करीब सात दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए आखिरकार पंकज ने दम तोड़ दिया।

पंकज की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के लोगों के अनुसार, पंकज ही घर के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद बूढ़े माता-पिता, छोटे बच्चों और बीमार पत्नी के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
कार्रवाई में देरी पर उठ रहे सवाल
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई, लेकिन घटना के करीब दस दिन बाद और पंकज की मौत के कई दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि उन्हें केवल न्याय चाहिए और दोषियों को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। वहीं, मामले में पुलिस का पक्ष सामने आना और जांच की वर्तमान स्थिति स्पष्ट होना भी महत्वपूर्ण है।
अब इस परिवार की नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और न्याय की प्रक्रिया पर टिकी है।









