
, ब्यूरो रिपोर्ट,
आजादी के 78 वर्ष बाद भी नहीं पहुंची बिजली, अंधेरे में जीवन गुजारने को मजबूर ग्रामीण।
लोहरदगा। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन इन योजनाओं का लाभ आज भी कई ग्रामीण इलाकों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है। लोहरदगा जिले के किस्को प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत हिसरी पंचायत के बड़चोरगाई गांव के खमहन टोली एवं रंगड़ा टोली के ग्रामीण बिजली की सुविधा से वंचित हैं। बिजली नहीं रहने के कारण ग्रामीणों को आज भी अंधेरे में जीवन-यापन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, रंगड़ा टोली में करीब 50 परिवार निवास करते हैं और यहां शत-प्रतिशत आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं। लंबे समय से बिजली की मांग किए जाने के बावजूद अब तक स्थायी विद्युत व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो सकी है। बिजली के अभाव में ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली से होने वाले सभी कार्य प्रभावित।
गांव में बिजली नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू और अन्य आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। शाम होते ही गांव में अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान समय में बिजली जीवन की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है। इसके बावजूद गांव के लोगों को इस सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मोबाइल चार्ज करने, बच्चों की पढ़ाई करने, बिजली से चलने वाले घरेलू उपकरणों का उपयोग करने सहित कई आवश्यक कार्य प्रभावित हैं। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश।

बिजली व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार मांग और समस्या से अवगत कराने के बावजूद उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उनका कहना है कि यदि जल्द से जल्द गांव में बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो आने वाले चुनाव में “बिजली नहीं तो वोट नहीं” के नारे के साथ वोट बहिष्कार करने का निर्णय लिया जा सकता है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते गांव में विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती है और उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्या का समाधान नहीं मिलता है, तो चुनाव में वोट बहिष्कार की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जवाबदेही प्रशासन की होगी।

प्रशासन से शीघ्र विद्युत व्यवस्था बहाल करने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं बिजली विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए खमहन टोली और रंगड़ा टोली में जल्द से जल्द विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के इस दौर में भी यदि गांव के लोगों को बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़े, तो यह सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से स्थल का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने तथा संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश देने की मांग की है, ताकि वर्षों से बिजली की सुविधा से वंचित परिवारों को जल्द रोशनी मिल सके।









