
धनबाद : फर्जी बेलर के सहारे जेल से बाहर आने वाले अपराधियों पर अब पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने ऐसे मामलों की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है।
एसएसपी ने बताया कि संज्ञान में आया है कि कई अपराधी फर्जी या भाड़े के बेलर बनाकर बेल बॉन्ड भरवाते हैं और जेल से बाहर आ जाते हैं। ऐसे बेलर पैसा लेकर अपराधियों के लिए जमानतदार बनते हैं, जो कानूनन अपराध है। इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसएसपी प्रभात कुमार ने यह जानकारी शुक्रवार को आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान दी।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2025 तक जेल से बेल पर बाहर आए अपराधियों के मामलों की जांच की जा रही है। इसमें यह देखा जाएगा कि किन-किन लोगों ने बेलर की भूमिका निभाई, बेल किस आधार पर कराई गई और बेल बॉन्ड में कोई फर्जीवाड़ा तो नहीं हुआ। इसके लिए अलग से जांच टीम बनाई गई है, जो पूरे मामले की पड़ताल करेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि बैठक में पिछले पांच वर्षों के दौरान विभिन्न मामलों में शामिल अपराधियों की सूची भी तैयार की गई है, जिनकी संख्या करीब 3400 है। इन सभी अपराधियों के वेरिफिकेशन के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान आज से 31 जनवरी तक चलेगा और अगले 15 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
एसएसपी ने कहा कि वेरिफिकेशन के दौरान तय किया जाएगा कि किन अपराधियों पर निगरानी प्रस्ताव खोला जाए, किन्हें नियमित रूप से थाना में हाजिरी लगानी होगी और किनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जरूरी है। इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसपी) करेंगे। 1 फरवरी तक यह प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाएगा, इसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बड़ी संख्या में ऐसे अपराधी सामने आए हैं, जो फर्जी बेल या भाड़े के बेलर के जरिए जेल से बाहर आए हैं। ऐसे सभी बेलरों का भी वेरिफिकेशन किया जा रहा है। यदि कोई बेलर फर्जी या अवैध तरीके से जमानतदार बनता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि जिले में संगठित अपराध और अपराधियों के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई जारी है। फर्जी बेलर और बेल के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।









