
धनबाद : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह और राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर रविवार, 25 जनवरी 2026 को धनबाद में झारखंड की अब तक की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया। यह मानव श्रृंखला रणधीर वर्मा चौक से गोल बिल्डिंग तक बनाई गई, जिसमें जिला प्रशासन, आईआईटी आईएसएम, बीसीसीएल, पूर्व मध्य रेलवे, मैथन पावर लिमिटेड, दामोदर वैली कॉरपोरेशन, टाटा स्टील, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, चैंबर ऑफ कॉमर्स, छात्र-छात्राएं सहित हजारों की संख्या में जिलेवासी शामिल हुए। मानव श्रृंखला की शुरुआत सुबह 7 बजे हुई।
इस अवसर पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने कहा कि मानव श्रृंखला का मुख्य उद्देश्य जिलेवासियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी, सतर्कता और सामूहिक प्रतिबद्धता की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सर्वप्रथम का संदेश हर व्यक्ति तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।
उपायुक्त ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश और भारत सरकार व राज्य सरकार के निर्देश पर पूरे देश में जनवरी माह को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के रूप में मनाया जा रहा है। धनबाद में इसे विशेष और ऐतिहासिक बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़े और नियमों की अनदेखी के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि जागरूकता से न केवल दुर्घटनाएं कम होंगी, बल्कि लोगों की जान भी बचेगी, खासकर युवा पीढ़ी को इससे बड़ा संदेश मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस होने के कारण जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा और मतदाता जागरूकता दोनों कार्यक्रमों को एक साथ जोड़ा है। इसका उद्देश्य आगामी नगर निगम चुनाव में शत प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करना है।
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह के तहत मानव श्रृंखला बनाकर लोगों को ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए जागरूक किया गया है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
मानव श्रृंखला में शामिल छात्रा आकांक्षा सिंह ने कहा कि इस पहल के माध्यम से लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं छात्रा दीपा ने कहा कि वाहन चलाते समय नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, क्योंकि घर पर परिवार अपने प्रियजनों का इंतजार करता है।
कार्यक्रम के दौरान नए मतदाताओं को ईपिक कार्ड वितरित किए गए। साथ ही उत्कृष्ट कार्य के लिए बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजरों को सम्मानित भी किया गया।









