
बिहार : उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मुसहरनियारही में लगा निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा परामर्श शिविर असाध्य रोगों का हुआ निदान
डॉ. एस.एन. कुमार बोले- निराश न हों मरीज, प्रकृति की शरण में संभव है जटिल बीमारियों का इलाज
स्वस्थ समाज निर्माण के परिकल्पना को विकसित करने, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आयुर्वेद को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य के साथ ‘सर्वे सन्तु निरामया’ की वैदिक भावना को चरितार्थ करते हुए, रविवार को मुरलीगंज प्रखंड के भतखोड़ा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय मुसहरनियारही के प्रांगण में आदर्श समाज निर्माण योजना के स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत श्री जीवन अमृत आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के द्वारा एक दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ आसपास के गांव से आए सैकड़ों मरीजों ने स्वास्थ्य लाभ उठाया।
शिविर का समय सुबह 10 बजे निर्धारित था, लेकिन भीषण ठंड रहने के बावजूद भी इलाके में पहली बार प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा रोग निवारण के लिए ग्रामीणों और दूर-दराज से आए मरीजों की भीड़ 9 बजे से ही जुटने लगी थी। शिविर का विधिवत शुभारंभ प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. कुमार और समाजसेवी रंजीत कुमार ने किया। दोपहर 3 बजे तक चले इस स्वास्थ्य शिविर में लगभग 135 से अधिक मरीजों का नि:शुल्क चेकअप किया गया। जिसमें दर्जनों निराश एवं हताश रोगियों के लिए नई उम्मीद की किरण जगी।
इस शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहाँ उन रोगियों की भीड़ सबसे ज्यादा थी, जो लंबे समय से इलाज कराकर थक चुके थे। डॉ. एस.एन. कुमार ने धैर्यपूर्वक एक-एक मरीज की जांच कर उनके जीवन शैली में बदलाव एवं प्राकृतिक एवं आयुर्वेद उपचार के सलाह दिए। शिविर में मुख्य रूप से लीवर की बीमारी, डायबिटीज, पुराने वात रोग, गठिया, जोड़ों का दर्द, चर्म रोग और पेट से संबंधित अधिकांश मरीज देखें गए। वहीं कई जटिल समस्याओं का निदान किया गया।
किन बीमारियों पर रहा विशेष जोर?
शिविर में आए आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा शिकायतें किडनी और लीवर से जुड़ी समस्याओं की थीं। इसके अलावा बदलते मौसम को देखते हुए श्वास (छाती रोग) और वात रोग के मरीजों को डॉ. कुमार ने विशेष व्यायाम और खान-पान में बदलाव के टिप्स दिए। मरीजों को बताया गया कि पश्चिमी बाईपास रोड मधेपुरा स्थित केंद्र पर इन रोगों का स्थायी समाधान उपलब्ध है।
डॉक्टर की सलाह : दिनचर्या बदलें, रोग दूर करें
मरीजों को संबोधित करते हुए प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. एस.एन. कुमार ने कहा, “आजकल की 90 प्रतिशत बीमारियां हमारी खराब जीवनशैली की देन हैं। आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा केवल दवा नहीं देती, बल्कि यह शरीर को खुद से ठीक होने की शक्ति प्रदान करती है। निराश और हताश रोगियों को एक बार प्राकृतिक चिकित्सा को जरूर अपनाना चाहिए।”
इसके लिए श्री जीवन अमृत आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र विभिन्न क्षेत्रों में आयुर्वेद जागरूकता शिविर कर रही है जिससे लोगों को लाभ हो सके।
शिविर के सफल आयोजन में मुख्य भूमिका निभाने वाले व्यवस्थापक सह समाजसेवी रंजीत कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है, वहां इस सुदूर क्षेत्र में पहली बार आयुर्वेद चिकित्सा शिविर संजीवनी का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि ‘श्री जीवन अमृत आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र मधेपुरा का पहला आयुर्वेद हॉस्पिटल है जो शहर के पश्चिमी बाईपास रोड न्यू बस स्टैंड के निकट मधेपुरा में स्थित है, इस संस्थान के द्वारा भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्य करता रहेगा जिससे ग्रामीण क्षेत्र में जीवन यापन कर रहे लोग भी आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार कर स्वस्थ जीवन जी सकते है।
आयुर्वेद को लोगों ने खूब सराहा
शिविर में आए मरीजों ने कहा कि हमे पहली बार किसी डॉक्टर ने हमारे शरीर एवं बीमार होने के कारण के बारे में विस्तार से बताते हुए आसान भाषा में उसके इलाज भी बताएं। इस प्रकार के इलाज से सभी प्रकार के पुराने रोगों का इलाज संभव है। डॉ एस एन कुमार के द्वारा समाज के प्रति यह सराहनीय कदम है।
शिविर को सफल बनाने में स्थानीय रंजीत कुमार, मुन्ना सिंह, बिट्टू कुमार समेत श्री जीवन अमृत आयुर्वेद हॉस्पिटल के प्रबंधक विवेक कुमार, रवि राज, विनीत कुमार, हरिओम कुमार, ब्रजेश कुमार, राजा कुमार सहित टीम के अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।









